Priyanka.

एक छोटी-सी बात… आज दिल ने बोला कि तुम्हें एक कविता सुनानी है। बस इतनी-सी—जितनी सच्ची हो, उतनी ही प्यारी।

Priyanka
“दिल से आवाज़ आयी है”
दिल से आवाज़ आयी है,
जो कहा नहीं जाता—वो सब बोलता है दिल।
शायद आँखों से पता लग जाए,
क्या कहता है दिल।

यार अजीब बात है,
इतनी याद आयी है
कि सोचते-सोचते मेरी आँख भर आयी है।
ये मैं नहीं बोल रहा—
ये तो दिल से आवाज़ आयी है।

सुबह उठते ही
तुम्हें देखने को बोलता है,
सोने से पहले
तुम्हें सुनने को बोलता है।
अब इसे क्या पता,
कभी-कभी मेरी आँखों में भी नींद नहीं आयी है—
मैंने नहीं बोला,
ये तो दिल से आवाज़ आयी है।

बार-बार तुम्हारी तस्वीर देखता है दिल,
तुम्हारी आँखों और हँसी में
कुछ ढूँढता है दिल।
तुम्हारी नज़रों में प्यार देखते-देखते
मेरी आँख भी शरमाई है—
मैं नहीं बोल रहा,
ये तो दिल से आवाज़ आयी है।

बार-बार ध्यान मेरा घड़ी की तरफ जाता है,
ये वक़्त थोड़ा बेरहम है—
इसे जितना देखो,
उतना इंतज़ार करवाता है।
इंतज़ार तो कर लेता हूँ,
पर एक बेचैनी सी छाई है—
मैंने नहीं बोला,
ये तो दिल से आवाज़ आयी है।

तुम्हारे चेहरे पे खुशी देख के
ये ज़ोर से धड़कने लगता है,
थोड़ी सी उदासी देख के
ये चुप-सा हो जाता है।
तुम्हें हँसता हुआ देख के
इसने बहुत खुशी मनाई है—
मैंने थोड़ी-सी कुछ बोला,
ये तो दिल से आवाज़ आयी है।

तुम्हारे पास आने की ज़िद करता है,
तो इसे समझा देता हूँ—
तुम्हारी प्यारी-प्यारी बातें
इसको सुना देता हूँ।
मैंने इसे हमारी कहानी सुनाई है,
और बदले में इसने मुझे
तुम्हारी इज़्ज़त करना सिखाई है—
ये मैं नहीं बोल रहा,
ये तो दिल से आवाज़ आयी है।

मुझे पूछने लगा,
“उसपे इतना प्यार क्यों आता है?”
मैंने कहा,
“अरे… जितना उसने सहा मेरे लिए,
इतना हर कोई नहीं कर पाता है।”
“बड़ा खुशक़िस्मत हूँ
कि मैंने तुम्हारे दिल में जगह बनाई है”—
मैंने नहीं बोला जी,
ये तो दिल से आवाज़ आयी है।

मेरी ज़िंदगी में कितने ख़ास हो तुम,
क्या ये जानते हो?
तुमसे खुद से ज़्यादा care करता हूँ,
ये तो मानते हो?
तुम्हारा प्यार और प्यारी-सी आवाज़
मेरे दिनों की दवाई है—
मैंने थोड़ी बोला,
ये तो दिल से आवाज़ आयी है।